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यमुना अथॉरिटी: मथुरा के साथ-साथ गौतमबुद्ध नगर जिले के खिलाफ भी दर्ज हो सकती है FIR

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नोएडा : यमुना अथॉरिटी के मास्टर प्लान से बाहर जाकर खरीदी गई जमीन के मामले में मथुरा के अलावा गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर और हाथरस के खिलाफ जल्द ही एफ.आई.आर हो सकती हैं।गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, हाथरस में जमीन खरीद घोटालों की जांच कर रहे अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट यमुना अथॉरिटी के चेयरमैन को सौंप दी हैं।

बता दें यमुना अथॉरिटी में पीसी गुप्ता के बतौर सीईओ तैनाती के दौरान बिल्डरों को टाउनशिप के लिए जमीन देने के लिए जमीनों को खरीद-फरोख्त की गई थी। इसकी आड़ में अथॉरिटी के मास्टर प्लान 2031 से बाहर 4 जिलों में 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की जमीन खरीदी गई।

मथुरा के 7 गांवों में 126 करोड़ रुपये कीमत की जमीन खरीद में सीईओ पीसी गुप्ता समेत 25 अधिकारी और जमीन का मुआवजा उठाने वाले लोग शामिल हैं। यमुना अथॉरिटी के चेयरमैन डॉ प्रभात कुमार इन मामलों की जांच करा रहे हैं. ताकि गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर और हाथरस के आरोपियों को भी पकड़ा जा सके। मथुरा में आरोपितों पर कार्यवाई की जा रही हैं।

चलिए आपको बताते हैं आखिरकार कैसे हुआ घपला

गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर और हाथरस इन तीनों जिलों में 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की जमीन खरीदी गई और कई गुना मुआवजा भी दिया गया। इन जिलों के गांवों में पहले नेता और अधिकारियों ने या तो अपने लिए जमीन खरीदी या फिर अपने रिश्तेदारों को सबसे पहले जमीन दिलाई।

जिसके कारण अथॉरिटी को करीब एक हज़ार करोड़ की चपेट लगी। इनमें गौतमबुद्ध नगर में 500 करोड़, बुलंदशहर के जागीरपुर में 318 करोड़ और हाथरस में ढाई सौ करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। इसलिए आशंका का जताई जा रही है की मथुरा के साथ साथ इन तीनों जिलों के खिलाफ बी एफ.आई.आर दर्ज की जा सकती हैं।