Home Health & Medical स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है मैगी, नेस्ले इंडिया ने खुद किया स्वीकार

स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है मैगी, नेस्ले इंडिया ने खुद किया स्वीकार

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दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की तरफ से खाद उत्पाद बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया को एक बड़ा झटका लगा है। इसके पीझे वजह है कि नेस्ले इंडिया ने मैगी में लेड होने की बात को स्वीकार कर लिया है। नेस्ले इंडिया के स्वीकार करने के बाद बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ सरकार की ओर से दर्ज राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग में 640 करोड रुपए के हर्जाने की मांग को लेकर मामले में कार्यवाही को आगे बढ़ाने की इजाजत दे दी है।

अब लेड से क्या दिक्कत होती है ये भी बता देते हैं दरअसल फूड प्रोडक्ट में लेड़ का तय मानक 2.5 पीपीएम है लेकिन मैगी के नमूनों में मात्रा काफी अधिक थी। चिकित्सकों के मुताबिक लेड़ के अधिक सेवन से किडनी और नर्वस सिस्टम खराब हो सकता है।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 12 1d के तहत सरकार ने पहली बार कार्रवाई की है इसके तहत केंद्र और राज्य दोनों के पास शिकायत दर्ज करने का अधिकार है एनसीडीआरसी में दायर याचिका में मंत्रालय का आरोप था कि मैगी नूडल्स के स्वास्थ्यवर्धक होने का दावा कर रहा नचले इंडिया ने उपभोक्ताओं को गुमराह किया है।

साथ ही मामला 3 साल से कोर्ट में लंबित था डीबाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा मैसूर के केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट कार्यवाही का आधार होगी इसी संस्थान में मैगी के नमूनों की जांच हुई थी सुनवाई के दौरान निचले के वकीलों के कबूल नामी के बाद सरकार बनाम नेस्ले की लड़ाई में फिर जोर पकड़ने के आसान है उपभोक्ता मामलात मंत्रालय ने 2015 में तीन दशक पुराने उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत नेस्ले इंडिया के खिलाफ एनसीडीआरसी में शिकायत दर्ज कराई थी सरकार ने अनुचित व्यापार तरीके अपनाने झूठी लेबलिंग भ्रामक विज्ञापनों को लेकर 640 करोड रुपए हर जाने की मांग की है