बुलंदशहर हिंसाः ADG ने की प्रेस कांफ्रेंस, एसआईटी जांच का होगा गठन

बुलंदशहर हिंसाः ADG ने की प्रेस कांफ्रेंस, एसआईटी जांच का होगा गठन

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नई दिल्ली: बुलंदशहर हिंसा के बाद मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने कई खास बातों के बारे में बताया। एडीजी ने कहा कि किसी संगठन का नाम अभी सामने नहीं आया है। निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है ताकि किसी निर्दोष को सजा न हो।

इसके साथ ही एडीजी ने कहा कि इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को पहले पत्थर लगा बाद में उन्हें गोली मार दी गई। कुछ पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया मगर भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया। इंस्पेक्टर सुबोध को शहीद का दर्जा दिया गया है। बुलंदशहर में स्थिति सामान्य है। 15 से 20 हज़ार लोग अब भी इज्तेमा स्थल पर हैं। उन्हें वहां से निकाला जा रहा है।

इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है पहली गोकशी की और दूसरी हिंसा की। 27 लोगों के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज की गई है और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

वहीं एडीजी आनन्द कुमार ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कहा है कि उसकी जांच हो रही है। इस घटना में मारा गया सुमित प्रदर्शनकारियों में शामिल था, उसके शरीर से मिली गोली की जांच की जा रही है। एसआईटी की जांच में साबित होगा कि घटना के पीछे कौन है।

यह है पूरा मामला 

मामला बुलंदशहर के स्याना कोतवाली का है. सोमवार को बुलंदशहर में गोहत्या की खबर पर जम कर हंगामा हुआ. ये हंगामा इतना बड़ गया की इसमें एक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत एक युवक की मौत हो गई. इस हिंसा में गुस्साई भीड़ ने पुलिस चौकी समेत अनेक वाहनों को फूंक डाला। इस हिंसा में स्याना के सीओ समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

इस पूरे मामले में यूपी पूलिस के एडीजी ने कहा है कि एक खेत में गोवंश का मांस मिला था जिसके बाद गांववाले उत्तेजित हो गए. गोमांस मिलने के बाद गांववालों ने प्रदर्शन किया और दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक इलाके में जमकर हंगामा किया गया. इस हंगामे में प्रदर्शनकारियों की तरफ से पथराव किया गया और गोलियां चलाई गईं. बुलंदशहर के डीएम ने जानकारी दी है कि पोस्टमार्टम के दौरान यह पता चला है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को गोली लगी है. उनकी बाईं आंख के पास गोली लगी. गोली उनके सर में धंस गई थी जिसके चलते उनकी मौत हो गई. उनके सिर में लगी चोट गंभीर थी और इसके चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका.

एडीजी का कहना है कि गोवंश की हत्या की खबर मिलने के बाद महाऊ, नयाबांस और चिंगरावटी गांव के 400 के करीब लोग इकट्ठे हो गए और इन लोगों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की. एडीजी इंटेलीजेंस को मौके पर भेजा गया है वो 48 घंटे में अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपेंगे.

यहां भड़की भीड़ ने पुलिस चौकी में आग लगा दी और एक दर्जन से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया. पथराव, फायरिंग और आगजनी में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं.