बुलंदशहर हिंसा: इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार की मौत, बिसाहड़ा कांड के दौरान निभाया...

बुलंदशहर हिंसा: इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार की मौत, बिसाहड़ा कांड के दौरान निभाया था अहम रोल

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फाइल फोटो

नई दिल्ली: बुलंदशहर हिसा में शहीद हुए इंपेक्‍टर सुबोध कुमार सिंह  का पोस्टमार्टम हो गया है और उनके शव को परिवार के लोगों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत गोली लगने से हुई है। बुलंदशहर पुलिस लाइन में मंगलवार सुबह सुबोध को श्रद्धांजलि दी जाएगी। उनका अंतिम संस्कार एटा स्थित उनके पैतृक निवास पर किया जाएगा।

इस घटना पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री योगी अदित्यानाथ ने शहिद हुए पुलिस इंस्पेक्टर की पत्नी को 40 लाख रुपए और माता-पिता को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही सीएम ने इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन के साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की है।

मालूम हो की इंस्पेक्टर सुबोध अखलाक लिचिंग केस के इन्वेस्टिगेटिंग अफसर थे। उन्होंने ही अखलाक लिंचिंग केस में मीट सैंपल को लैब पहुंचाया था।

क्या है पूरा मालला

मामला बुलंदशहर के स्याना कोतवाली का है. सोमवार को बुलंदशहर में गोहत्या की खबर पर जम कर हंगामा हुआ. ये हंगामा इतना बड़ गया की इसमें एक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत एक युवक की मौत हो गई. इस हिंसा में गुस्साई भीड़ ने पुलिस चौकी समेत अनेक वाहनों को फूंक डाला। इस हिंसा में स्याना के सीओ समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

इस पूरे मामले में यूपी पूलिस के एडीजी ने कहा है कि एक खेत में गोवंश का मांस मिला था जिसके बाद गांववाले उत्तेजित हो गए. गोमांस मिलने के बाद गांववालों ने प्रदर्शन किया और दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक इलाके में जमकर हंगामा किया गया. इस हंगामे में प्रदर्शनकारियों की तरफ से पथराव किया गया और गोलियां चलाई गईं. बुलंदशहर के डीएम ने जानकारी दी है कि पोस्टमार्टम के दौरान यह पता चला है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को गोली लगी है. उनकी बाईं आंख के पास गोली लगी. गोली उनके सर में धंस गई थी जिसके चलते उनकी मौत हो गई. उनके सिर में लगी चोट गंभीर थी और इसके चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका.

एडीजी का कहना है कि गोवंश की हत्या की खबर मिलने के बाद महाऊ, नयाबांस और चिंगरावटी गांव के 400 के करीब लोग इकट्ठे हो गए और इन लोगों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की. एडीजी इंटेलीजेंस को मौके पर भेजा गया है वो 48 घंटे में अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपेंगे.

यहां भड़की भीड़ ने पुलिस चौकी में आग लगा दी और एक दर्जन से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया. पथराव, फायरिंग और आगजनी में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं.