सुप्रीम कोर्ट के फैसले की उड़ी धज्जियां, लोगों ने जमकर की आतिशबाजी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की उड़ी धज्जियां, लोगों ने जमकर की आतिशबाजी

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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली : दिवाली पर प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट द्वारा महज 2 घंटे के लिए पटाखे के लिए अनुमति दी गई थी वहीं दूसरी तरफ वहीं दिवाली पर ग्रीन पटाखे जलाए जाने की बात भी कही गई थी।

कौन-कौन से पटाखें ग्रीन श्रेणी में आते है ये सब सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट कर दिया गया था साथ ही ये भी बता दिया गया था कि किसी भी तरह का श्रंखला बंद लड़ी और अधिक प्रदूषण करने वाले बड़े पटाखों की ना तो बिक्री की जाएगी नहीं जलाए जाएंगे और इनकी बिक्री पर भी पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा।

जिसकी जिम्मेदारी भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई थी। प्रतिबंध लगने के बावजूद खुलेआम श्रंखलाबद्ध लड़ी और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले, तेज आवाज वाले पटाखे भी बाजार में बिकते हुए दिखाई दिए । दिवाली पर लोग खुलेआम अधिक प्रदूषण वाले पटाखे जलाते हुए नजर आए जिसके कारण प्रदूषण अत्यधिक बड़ी है व गाजियाबाद का प्रदूषण तो इतना अधिक बढ़ गया है कि लोगों को सांस लेना भी दूभर हो रहा है।

प्रदूषण के कारण लोगों की आंखों में जलन हो रही है और गले में खराश भी हो रही है। इतने अधिक प्रदूषण के कारण सांस के मरीजों और बुजुर्गों ,बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि तमाम थाना क्षेत्र के थाना अध्यक्षों को निगरानी बनाए जाने के बाद भी खुलेआम पटाखे जलाए गए व बेचे भी गए और कहीं किसी पर कोई कार्यवाही या निगरानी की बात नजर नहीं आई।