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BIRTHDAY SPECIAL: 88 साल की हुई लता मंगेशकर, जानें जीवन की खास बातें

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नई दिल्ली: मेलोडी क्वीन और सुरों की देवी लता मंगेशकर का आज जन्मदिन है. अपने मधुर सुर से भारतीय सिनेमा को ऊचाई देने में लाता का काफी बड़ा योगदान है. इंडियन क्लासिकल हो या गम भरे दर्दनाक गाने लाता की आवाज में सब बहुत ही सुरिला लगता है. उनकी आवाज में ऐसा जादू है कि हर कोई इसमें डूब जाता है.

लता ने लगभग तीस से ज्यादा भाषाओं में फ़िल्मी और गैर-फ़िल्मी गाने गाये हैं और पाँच साल की उम्र से पिता के साथ गाना शुरु कर दिया था . 1969 में लता को पद्म भूषण से नबाजा गया. वे हमेशा नंगे पाँव गाना गाती हैं.

लता के नाम से दिए जाते हैं पुरस्कार
साथ ही लता ही एकमात्र ऐसी जीवित व्यक्ति हैं जिनके नाम से पुरस्कार दिए जाते हैं. सुरों की देवी लाता को एक बार जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी. जी हां ये बिल्कुल सच है अपनी मधुर आवाज से सबको मोह लेने वाली लाता को 33 की उम्र में मारने की साजिश रची गई थी.

इंदौर में हुआ था जन्म
सुरों कि मल्लिका 28 सितंबर 1929 को इंदौर में मशहूर संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर के यहां पैदा हुईं. उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर भी संगीत के बड़े जानकार और थिएटर आर्टिस्ट थे, इसीलिए बाहर संगीत सिखने से पहले ही शुरुआती तालिम उनको अपने पिता से मिली.

छोटी बहन ने दी शुभकामनाएं
उनके जन्मदिन के खास मौके पर उनकी छोटी बहन और जानी मानी गायिका आशा भोंसले ने शिवसेना के मुखपत्र सामना के जरिए उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.

बता दें, लता का करियर लगातार ऊचाइंया छुते जा रहा था जिससे कोई ऐसा भी था जिसको ये बात हजम नहीं हो रही थी और जान से मारने की कोशिश तक करने से बाज नहीं आया. जी हां 1962 में जब लता मंगेशकर 33 साल की थीं तो उन्हें धीमा जहर दिया गया था.